इस्लामाबाद : पाकिस्तान में आर्थिक संकट लगातार गहराता जा रहा है। बढ़ती महंगाई का असर अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के साथ-साथ अंतिम संस्कार जैसे जरूरी कार्यों पर भी पड़ने लगा है। बढ़ते खर्च के कारण कम आय वाले कई परिवारों को अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए भी कर्ज लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
खाद्य पदार्थों, बिजली, गैस, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। हालांकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार महंगाई की रफ्तार में कुछ कमी आई है, लेकिन वस्तुओं और सेवाओं की ऊंची कीमतों के कारण आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ अब भी बना हुआ है।
विशेष रूप से निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए अंतिम संस्कार, दफन और धार्मिक अनुष्ठानों का खर्च उठाना बेहद कठिन हो गया है। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, कई लोगों को इन खर्चों के लिए रिश्तेदारों, दोस्तों या साहूकारों से उधार लेना पड़ रहा है।
आर्थिक मंदी, बढ़ता सरकारी कर्ज, मुद्रा का अवमूल्यन और लगातार बनी हुई महंगाई ने पाकिस्तान में आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। देश की आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
