एटीएफ को जीएसटी के दायरे में लाने की एयरलाइंस की मांग; हवाई यात्रा सस्ती होने की उम्मीद

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नई दिल्ली : बढ़ती ईंधन लागत और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही देश की प्रमुख एयरलाइंस ने केंद्र सरकार से अहम मांग की है। एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट का प्रतिनिधित्व करने वाले फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (FIA) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखकर एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) को जल्द से जल्द वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे में लाने की मांग की है।

एयरलाइंस का कहना है कि एटीएफ को जीएसटी के तहत लाने से ईंधन पर कर व्यवस्था सरल होगी और परिचालन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे एयरलाइंस पर वित्तीय दबाव घटेगा और भविष्य में हवाई यात्रा के किराए में भी कमी आने की संभावना है।

वर्तमान में एटीएफ पर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग दरों से वैट (VAT) लगाया जाता है, जिससे एयरलाइंस की लागत काफी बढ़ जाती है। एयरलाइंस का तर्क है कि जीएसटी लागू होने के बाद कर प्रणाली अधिक समान और पारदर्शी होगी तथा इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ भी मिल सकेगा।

विमानन उद्योग का मानना है कि इस फैसले से केवल एयरलाइंस ही नहीं, बल्कि यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। हवाई यात्रा अधिक किफायती होगी और देश के विमानन क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।

फिलहाल, इस मांग पर केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय घोषित नहीं किया गया है।

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